आडवाणी ने कहा, 2002 दंगे के बाद इस्तीफे को तैयार थे नरेंद्र मोदी: आज की पांच बड़ी ख़बरें

साल 2002 में हुए गुजरात दंगे के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी के कहने पर इस्तीफा देने को तैयार थे.

इस बात का जिक्र आडवाणी ने खुद के लिखे एक लेख में किया है. पत्रिका 'साहित्य अमृत' में लिखे लेख में आडवाणी ने दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से नरेंद्र मोदी के इस्तीफे पर अपने मतभेद को भी स्वीकारा है.

उन्होंने लिखा है कि दंगों के बाद गोवा कार्यकारिणी में नरेंद्र मोदी के इस्तीफे पर वाजपेयी से राय पूछी गई थी तो उन्होंने कहा था कि मोदी को इस्तीफे की पेशकश करनी चाहिए.

आडवाणी ने लिखा है, "मैंने वाजपेयी जी से कहा था कि अगर इस्तीफे से स्थिति सुधरती है तो इस्तीफा तुरंत लिया जाना चाहिए. मेरा मानना था कि इससे स्थिति सुधरेगी नहीं. जब मैंने मोदी से कार्यकारणी बैठक में इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखने पर बात की तो वो तुरंत तैयार हो गए थे."

मंदिर निर्माण शुरू नहीं हुआ तो हो सकता है हिंदू आंदोलनः स्वामी
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम शुरू कराने की अपील की है तथा चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ राष्ट्र व्यापी हिंदू आंदोलन हो सकता है.

स्वामी ने एक ट्वीट में लिखा, "यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के सुझाये गये समाधान को क्रियान्वित नहीं करते और राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं कराते तो भाजपा के ख़िलाफ़ राष्ट्र व्यापी हिंदू आंदोलन हो सकता है. मोदी को यह जोखिम नहीं उठाना चाहिये."

भाजपा नेता ने राव सरकार के 14 सितंबर 1994 को सुप्रीम कोर्ट में दिये बयान की प्रति साझा करते हुये यह बात कही है.

बयान में लिखा है कि सरकार राम जन्मभूमि मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है. यदि शीर्ष अदालत यह फ़ैसला करती है कि बाबरी मस्जिद से पहले उस स्थान पर कोई मंदिर था तो सरकार हिंदू समुदाय की चाह का समर्थन करेगी. यदि फ़ैसला इसके विपरीत रहता है तो वह मुस्लिम समुदाय की चाह का समर्थन करेगी.

गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेस गठजोड़ की कवायद में तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव दिल्ली पहुंच गए हैं.

मीडिया ख़बरों के मुताबिक वो बुधवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाजवादी अध्यक्ष मायावती से दिल्ली में मुलाकात करेंगे.

इससे पहले वो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात कर चुके हैं.

Comments

Popular posts from this blog

肺炎疫情:被病毒海啸淹没的五件国际大事

Unerwarteter Ärger mit dem Eigenheim

Führende Scientologen gehören zu den aktivsten Immobilienplayern der Stadt