नीतीश ने CAA पर बहस का किया समर्थन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा कि यहां नागरिकता संशोधन क़ानून पर विशेष बहस की ज़रूरत है.

सोमवार को बिहार विधानसभा में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने धर्म आधारित नागरिकता क़ानून को लेकर नीतीश कुमार पर हमला बोला था.

विपक्षी पार्टियों की आलोचना पर नीतीश कुमार ने कहा, ''सीएए पर बहस की ज़रूरत है. अगर सब कोई चाहता है तो इस सदन में सीएए पर बहस होगी. जहां तक एनआरसी की बात है तो इस पर कोई सवाल ही नहीं उठता है. एनआरसी पर कोई सफ़ाई की ज़रूरत नहीं है.''

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए का हिस्सा है लेकिन एनडीए में भी एनआरसी और सीएए को लेकर काफ़ी मतभेद है. शिरोमणि अकाली दल ने भी प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि सीएए के दायरे में मुसलमानों को भी लाया जाए.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेगी.

मायावती ने ट्वीट कर कहा है, ''राजस्थान की कांग्रेस सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार हमारे विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया. यह विश्वासघात है.''

मायावती ने अगले ट्वीट में कहा है, ''ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार को विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा. इसलिए बीएसपी इनकी बैठक में शामिल नहीं होगी. वैसे भी बीएसपी सीएए और एनआरसी के विरोध में है. केन्द्र सरकार से अपील है कि वो इस विभाजनकारी और असंवैधानिक क़ानून को वापस ले. साथ ही, जेएनयू में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह दुर्भाग्यपूर्ण.''

इस बैठक में आम आदमी पार्टी भी शामिल नहीं हो रही है. पार्टी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी. सिंह ने कहा कि बिना बुलाए कोई बैठक में कोई कैसे जा सकता है. हालांकि कहा जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप आमने-सामने हैं इसलिए आम आदमी पार्टी इस बैठक में नहीं जा रही है.

यूपी के लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में आज से होंगे पुलिस कमिश्नर
उत्तर प्रदेश के लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में अब पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में इसे मंज़ूरी दी गई.

इस फ़ैसले के बाद अब लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नर बैठेंगे.

इस फ़ैसले के फ़ौरन बाद सुजीत पांडेय को लखनऊ का और आलोक सिंह को गौतमबुद्ध नगर का पुलिस कमिश्नर बनाए जाने की घोषणा कर दी गई.

इस समय देश के 71 शहरों में कमिश्नर प्रणाली पहले से लागू है.

यूपी में योगी के सत्ता संभालने के बाद इस सिस्टम के लागू होने की बात कही जा रही थी लेकिन फ़ैसला लेने में काफ़ी समय लग गया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा कि यहां नागरिकता संशोधन क़ानून पर विशेष बहस की ज़रूरत है.

सोमवार को बिहार विधानसभा में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने धर्म आधारित नागरिकता क़ानून को लेकर नीतीश कुमार पर हमला बोला था.

विपक्षी पार्टियों की आलोचना पर नीतीश कुमार ने कहा, ''सीएए पर बहस की ज़रूरत है. अगर सब कोई चाहता है तो इस सदन में सीएए पर बहस होगी. जहां तक एनआरसी की बात है तो इस पर कोई सवाल ही नहीं उठता है. एनआरसी पर कोई सफ़ाई की ज़रूरत नहीं है.''

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए का हिस्सा है लेकिन एनडीए में भी एनआरसी और सीएए को लेकर काफ़ी मतभेद है. शिरोमणि अकाली दल ने भी प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि सीएए के दायरे में मुसलमानों को भी लाया जाए.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेगी.

मायावती ने ट्वीट कर कहा है, ''राजस्थान की कांग्रेस सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार हमारे विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया. यह विश्वासघात है.''

मायावती ने अगले ट्वीट में कहा है, ''ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार को विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा. इसलिए बीएसपी इनकी बैठक में शामिल नहीं होगी. वैसे भी बीएसपी सीएए और एनआरसी के विरोध में है. केन्द्र सरकार से अपील है कि वो इस विभाजनकारी और असंवैधानिक क़ानून को वापस ले. साथ ही, जेएनयू में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह दुर्भाग्यपूर्ण.''

इस बैठक में आम आदमी पार्टी भी शामिल नहीं हो रही है. पार्टी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी. सिंह ने कहा कि बिना बुलाए कोई बैठक में कोई कैसे जा सकता है. हालांकि कहा जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप आमने-सामने हैं इसलिए आम आदमी पार्टी इस बैठक में नहीं जा रही है.

Comments

Popular posts from this blog

肺炎疫情:被病毒海啸淹没的五件国际大事

Unerwarteter Ärger mit dem Eigenheim

Führende Scientologen gehören zu den aktivsten Immobilienplayern der Stadt