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'चौकीदार चोर है' पर सुप्रीम कोर्ट की राहुल को फटकार- आप बयान देते हैं, फिर सही ठहराने की कोशिश करते हैं

नई दिल्ली. अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल द्वारा दायर हलफनामे पर सवाल उठाए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपके मुवक्किल बयान देते हैं और फिर उसे सही ठहराने की कोशिश करते हैं। सिंघवी ने कहा कि हलफनामे में खेद जाहिर किया गया है, जो कि माफी मांगने जैसा है। इस पर अदालत ने कहा कि हमें यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि आप हलफनामे में क्या कहना चाहते हैं। इस पर सिंघवी ने राहुल गांधी की तरफ से कोर्ट से माफी मांगी और नया हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त मांगा। अब अदालत 6 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट लीक दस्तावेजों के आधार पर दोबारा सुनवाई के लिए तैयार हो गई थी। इस पर राहुल गांधी ने कहा था कि अदालत ने भी मान लिया कि चौकीदार चोर है। इस बयान पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की थी। कुछ जगहों पर गलती मानी, कुछ जगहों पर इनकार किया- कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने राहुल के हलफनामे पर कहा- कुछ जगहों पर वह अपनी गलती मानते है...

网红“纯素食主义者们”举白旗的背后

瑞贝卡、罗瓦娜、谢夫、阿来门和瑞娥, 你可能没听说过这些人,但他们在YouTube上有近200万人关注,是“数字时代的领袖人物”。他们曾致力于推广“纯素食主义”,但在过去几个月已经放弃这种生活方式。 似乎只有植物的饮食导致他们的健康问题。 但在瑞娥(Stella Rae)的例子中,她只是“很想吃三文鱼”。 “渴望” 墨西哥裔美国人门多萨(Yovana Mendoza) 的网络身份罗瓦娜(Rawvana)在今年3月被意外 曝光。 她的朋友(也是所谓的有影响力的人)在Instagram上发布一段两人一起去印尼巴厘岛旅行的 视频,视频有罗瓦娜吃鱼的画面。 罗瓦娜后来承认,她已经吃动物蛋白好几个月了。但在视频发布的时候,她仍然在宣传她的“纯素食”饮食建议。 她的主张帮她获得商业赞助。 罗瓦娜在YouTube上一段长为33分钟的道歉视频中说:“很遗憾你们意识到我最近的饮食习惯发生了变化, 而且出于健康原因,我不得不吃那些食物。” 但是罗瓦娜并不是唯一一个饮食发生转变的人。 其他素食主义的“数字时代领袖们” 也许为了防止副作用,宣布放弃主张。 在YouTube上有近20万粉丝的英国跑酷运动员谢夫(Tim Shieff)表示,吃三文鱼和生鸡蛋让他“10个月来第一次射精”。 “当你的健康状况下降时,无论对 一个健康的人来说这显得多么自私,你都很难不把它放在首位。” 罗瓦娜承认,她从去年12月起就一直在吃鱼,而就在几天前,阿来门放弃素食的事才刚刚“东 窗事发”。他们都曾享受过纯素食主义带来的红利。 据美国联合市场研究公司预测,到2025年,肉类替代品的全球市场价值将达到75亿美元,从2018年以来,每年增长近8%。 尽管世界各地的卫生部门都建议转向植物性饮食, 但他们并不提倡禁止食用肉类产品。 其中一个主要原因是,科学家们对纯素食是否比素食饮食更健康还存在争议,甚至对含有少量瘦肉和鱼类的饮食也存在争议。 但另一位“纯素食主义推广者”曼国际(Goji Man) 表示,这些放弃者的饮食过于极端。

«Bald schläft ein Euro-Hooligan in meiner Wohnung»

Schreiner Franz Weber zeigt auf seine ehemalige Wohnung. Nach 45 Jahren wurde er rausgeschmissen. Und die Vermieter machen Reibach mit Euro-08-Fans. Die Anzeige der Firma Swiss Immo Trust AG richtet sich an Euro-08-Fans. «Funktionell eingerichtete Wohnung mit acht Schlafplätzen. Ideal für Gruppen.» Adresse: Talstrasse 43 in Oberwil BL. Hier wohnte der pensionierte Schreiner Franz Weber (69) – fast ein halbes Jahrhundert lang. « Jetzt haben sie mich rausgeschmissen», sagt er konsterniert. «Ich kann es immer noch nicht glauben. Es geht nur ums Geld, unsere Schicksale zählen nichts. Bald schlafen Euro- Hooligans in meiner Wohnung.» 28 Mietparteien erhielten an der Talstrasse 43, 45 sowie Langegasse 40 die Kündigung. Sie müssen ihr vertrautes Umfeld verlassen – die Siedlung wird totalsaniert. Drei Monate hatte Franz Weber Zeit, um eine neue Wohnung zu suchen. Er wurde ein paar 100 Meter weiter fündig. Zu einem höheren Preis, aber immerhin in derselben Gegend. « Wir konnten uns ni...

जापान के आधुनिक संतों की दुर्दशा

आधुनिक संसार में कटा हुआ रह पाना बहुत मुश्किल हो सकता है. ई-मेल, पोस्ट्स, ट्वीट्स, लाइक्स, कमेंट और तस्वीरों की अंतहीन कड़ी हमें लगातार आधुनिक जीवन से जोड़े रहती है. लेकिन जापान में पांच लाख लोग आधुनिक संतों की तरह जीवन यापन करते हैं. उन्हें हीकीकोमोरी कहा जाता है - ऐसे लोग जो सामाजिक सम्पर्कों से खुद को अलग कर लेते हैं और अक्सर वर्षों तक अपना घर नहीं छोड़ते. एक सरकारी सर्वेक्षण में ऐसे लोगों की संख्या लगभग 541,000 (कुल जनसंख्या का 1.57 %) पाई गई. लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या और अधिक है क्योंकि ऐसे लोग मदद लेने में वर्षों लगा देते हैं. शुरुआत में ऐसा लगा कि यह स्थिति जापानी समाज की ही विशेषता है लेकिन हाल के वर्षों में दुनियाभर से ऐसे मामले सामने आए हैं. जापान के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया में 2005 में हुए एक विश्लेषण में सामाजिक तौर से अलग-थलग रह रहे लोगों की संख्या 33 हजार (कुल आबादी का 0.3 %) पाया गया जबकि हांगकांग में 2014 में हुए एक सर्वेक्षण में यह संख्या 1.9 प्रतिशत पाई गई. ये मामले केवल एशिया में ही नहीं बल्कि अमरीका, स्पेन, इटली, फ्रांस और अन्य जगहों से ...

आलोक वर्मा ने नहीं मानी सरकार की बात, अब क्या होगा: प्रेस रिव्यू

इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने सरकार के निर्देशों का पालन न करते हुए अग्निशमन सेवाओं, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड्स विभाग के महानिदेशक का पद संभालने से इनकार कर दिया. गृह मंत्रालय ने बुधवार को वर्मा को एक चिट्ठी भेजकर इन सारे विभागों का कार्यभार तुरंत संभालने को कहा था. चूंकि आलोक वर्मा का कार्यकाल 31 जनवरी को ख़त्म हो रहा था इसलिए उन्हें ये पद सिर्फ़ एक दिन के लिए संभालना था लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें सेवानिवृत्त माना जाए. ये भी पढ़ें: आलोक वर्मा को कहा, एक दिन कार्यभार संभालें अख़बार गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से लिखता है कि निर्देशों का पालन न करने बाद अब वर्मा को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अगर वर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई तो उनकी पेंशन भी रोकी जा सकती है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक रिपोर्ट छपी है जिसके मुताबिक भारत में महिला मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के दो बड़े राज्यों महाराष्...

意批法剝削非洲 掀外交風波 歐盟選戰臨近 民粹派挑戰中間派

【明報專訊】應對非洲難民 政策備受批評的意大利,兩名副總理迪馬約和薩爾維尼先後將矛頭指向法國,指控法國持續對非洲殖民及剝削,導致當地民不聊生,觸發逃亡潮,構成歐洲難民問題。法國周一傳召意 大利大使抗議。自從意大利民粹 政府去年6月上台後,意大利跟法國關係不和趨白熱化,衝擊歐盟團結。隨着歐洲議會選舉即將到臨, 由法國總統馬克龍代表 的中間派將面對意大利政府領導的民粹派正面挑戰。意大利總理孔特昨為意法口水戰降溫,稱任何政治爭議無損意法堅定的關係。 意副總理:法國導致地中海難民潮 身兼民粹政黨「五星運動」 領袖的迪馬約(Luigi Di Maio),上周六(19日)在意大利中部一座城市發表演講指摘法國的非洲政策,稱法國持續「殖民」非洲,導致非洲貧窮,令大批非洲人湧入歐洲。他說:「如果有人離開非洲,那是因為一 些歐洲國家,尤其是法國,從未停 止殖民非洲數以十計的國家。」 迪馬約甚至稱,法國能進入世界經濟第一梯隊,也是因為他們在非洲所做的事,如果沒有非洲, 法國的經濟會從目前排名世界6強之內 ,跌到第15名。他更說,歐盟應制裁像法國這些剝削非洲和令非洲人出走的國家。法國外交部周一下午傳召意大利大使卡斯塔爾多,以抗議迪馬約的言論。 法國:非洲法郎確保當地貨幣穩定 不過,迪馬約未有軟化,周一晚說法國正在操控使用非洲法郎14個非洲國家的經濟,阻礙它 們的經濟發展。非洲法郎是殖民 時代由法國財政部發行的貨幣(見另稿),迪馬約說:「如果歐洲希望勇敢,就必須有勇氣處理非洲去殖民化的問題。」法國回應稱,非洲法郎確保了這些國家的貨幣市場穩定。 意大利右翼民粹政黨「聯盟黨」黨魁、內政部長兼副總理薩爾維尼(Matteo Salvini)同日和應迪馬約的說法,指法國壓搾非洲財富自肥。他更批評, 法國為了在利比亞的石油利益,無 意穩定當地局勢。他又嘲諷法國近年在邊境拒收數以萬計包括婦孺在內的難民,卻要向意大利說教。 意大利日前將地中海獲救的393名利比亞人蛇遣返利比亞,惹來各方批評。意大利自去年6月民粹政府上台後拒讓難民船靠岸,引起人道組織及歐洲多國批評。 非洲船民橫渡地中海的旅 程險惡,國際移民組織(IOM)表示,去年有2297人命喪地中海,今年已有200人死亡。今年首16日經海路抵達歐洲的人數達4216人,較2018年同期2365人多。 難民問題令兩國關係交惡 ...

तनाव में हैं तो दिन में एक घंटा बंद कर दीजिए फ़ोन

पिछले महीने एप्पल ने स्क्रीन टाइम फ़ीचर लॉन्च किया. इससे यूज़र्स को पता चलता रहता है कि वे कितने समय तक फ़ोन या टैब पर रहे. अगर आपने इस फ़ीचर को नहीं देखा है तो आपको देखना चाहिए. ऑफ़िस के कंप्यूटर पर या पर्सनल फोन पर अपने स्क्रीन टाइम को चेक करें तो आप हैरान रह जाएंगे. हममें से ज्यादातर लोग घर और ऑफिस में कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन पर बहुत ज्यादा समय बिताते हैं और इस बारे में सोचते भी नहीं. ऑफिस में ईमेल, नोटिफिकेशन, इंटरनल मेसेजिंग सिस्टम और इंटरनेट, ये सब मिलकर समय का बहुत बड़ा हिस्सा खा लेते हैं. इस तरह की तकनीक हमारी उत्पादकता घटाती है. थोड़े समय के लिए इन सबसे दूर रहना , भले ही एक घंटे के लिए ही सही, हमारी मदद कर सकता है. शोध ने साबित किया है कि टेक्नोलॉजी की तरफ ज्यादा झुकाव से सेहत, खुशियों और उत्पादकता पर बुरा असर पड़ता है. लगातार स्क्रीन देखते रहने से आंखें खराब होती हैं. चौबीसों घंटे का मेसेजिंग कल्चर हमारे तनाव और अवसाद को बढ़ा रहा है. इंटरनेट हमारे जुनून और लत का दोहन करता है. 2012 में अमरीकी शोधकर्ताओं ने ईमेल को 21वीं सदी में ऑफिस का सबसे घातक तकनीकी वि...